पुष्पेन्द्र जी अपने साथियो के साथ इसके सभी पहलुओ की सम्भावनाओ पर विचार करने का निवेदन है
हिन्दुओ की सुरक्षा
इसके लिए सरकार क्या क्या कदम उठा सकती है
आपके ऊपर किसी क्रूर मुस्लिम उन्मादी भीड़ का कोई हमला होता है (अकबरउद्दीन ओवेसी के मंच से की गई वकालत से यह साबित होता है और काश्मीर आदि कई घटनाये यह बताती है यह कोई काल्पनिक भय नही है) यह होगा ,किसी भी बहाने से होगा पूरी प्लानिग व् तैयारी के साथ होगा तो आपका भगवान ही मालिक है क्योकि वह तो AK47 से लेस है आपके पास अपनी आत्मरक्षा के लिए लकड़ी डंडा भी नही है पुलिस या सेना आपको एकाएक वहां पहुंचकर बचा नही सकती तो मुस्लिमो के द्वारा किए गये हिन्दू जनसंहार के आसान शिकार बन जाएंगे आपके साथ जो कुछ भी होगा उसके लिए आप ही जिम्मेदार और भुक्तभोगी होगे अगर हम चाहते है की हमारे साथ ऐसा न हो तो अपनी आत्मरक्षा की हमे ही तैयारीं करनी होगी
सबसे पहले पाकिस्तान के सभी हिन्दुओ को फास्टट्रैक से वहां से निकालकर भारत की सीमा में या सुरक्षा घेरे में ले लिया जाए उसके बाद सरकार के द्वारा इस तथ्य को संसद में पूरे वजन के साथ स्पष्ट रूप से रखा जाए कि देश का विभाजन किस आधार पर हुआ था जिसमें सबसे महत्वपूर्ण बातें रखी गई थी कि हिंदू मुस्लिम एक साथ नहीं रह सकते अतः उन्हें अलग राष्ट्र चाहिए इसके लिए वोटिंग हुई और 80% बहुमत के साथ मुसलमानों ने विभाजन के पक्ष में वोट दिया था इस प्रकार देश का विभाजन हुआ परंतु गांधीजी की वजह से 7 करोड़ मुसलमान पाकिस्तान के ,अलगाव के पक्ष में वोट देकर भी पाकिस्तान नहीं गये ,विभाजन हो चुका था और विभाजन का आधार ही था कि हिंदू मुस्लिम अलग अलग रहेंगे इसके बावजूद जो मुस्लिम नही गये उनका इस देश पर कोई किसी भी सूरत में कोई संवैधनिक अधिकार नहीं रहा है मुसलमानो को उनका मुल्क पाकिस्तान के रूप में दे दिया गया था फिर भी वह अब तक अगर भारत में रह रहे हैं तो यह केवल भारत की दरियादिली है .भारत ने भी उन्हें पूरी अपनेपन से और बराबरी से रखा परंतु उन्होंने कभी भी इस बात की कद्र नहीं की उल्टे देश को चोट पहुंचाने की तोड़ने की साजिश में ही लगे रहे और आज भी लगे हुए हैं उन्होंने अपनी जनसंख्या को 7 करोड़ जो विभाजन के समय थी उसे 27 करोड से भी ऊपर पहुंचा दिया अब वे चाहते हैं कि इसे 30 करोड़ से ऊपर पहुंचा कर शेष भारत को भी अपने कब्जे में ले ले यह उनकी नियत है और बिल्कुल स्पष्ट है और इसे वे छुपाते भी नहीं है इन हालातो में अब हम मुस्लिमों को भारत में इसी रूप में रहने नहीं दे सकते आज तक की सारी हरकतों व्यवहार और बयान बयानों के,घटनाओं के आधार पर यह साबित होता हैं कि वे भारत को नुकसान पहुंचाने और उस पर अधिकार जमाने में लगे हुए है इस मामले में देशभर के अधिकांश मुस्लिम एक है और वे किसी भी हालत में मानने वाले नही है
तो इस समस्या का निराकरण कैसे करे परंतु 27 करोड़ मुस्लिमों के लिए एकाएक न तो उन्हें देश निकाला दिया जा सकता है तो क्या किया जाए इसका सबसे बेहतर उपाय कि मुस्लिमों की नागरिकता को,समस्त राजनैतिक अधिकार को समाप्त कर दिया जाए और उन्हें नियत स्थानो की सीमाओ में रहना अनिवार्य कर दिया जाए, सख्त नियम और शर्तों के साथ रहना ,नियमों का पालन करना ,हर मुसलमान के लिए अनिवार्य घोषित कर दिया जाए अगर नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उसे राष्ट्रद्रोह माना जाएगा देश में किसी भी सरकारी नौकरी में इन्हें कोई स्थान नहीं दिया जाएगा इनका कोई भी सार्वजनिक धार्मिक अधिकार नहीं होगा वे केवल अपनी तय मस्जिद में जाकर अनुशासन से नमाज पढ़कर अपने घर जाएं अगर कहीं पर भी उन्होंने विद्रोह करने का या तोड़फोड़ करने का प्रयास किया तो उसके लिए उन पर देशद्रोह की कार्यवाही की जाएगी, विद्रोह हिंसा को शांत करने के लिए शूट एंड साइट का आर्डर भी किया जा सकता है किसी भी मस्जिद में लाउडस्पीकर की अनुमति नहीं होगी विभाजन के बाद पहले दिन से ही मुसलमान अपने एजेंडे में लग चुके थे सारे मुसलमान एक अलग इकाई के रूप में देश में रह रहे थे कश्मीर गोधरा के साथ देश की हर छोटी बड़ी सांप्रदायिक घटना हिंसा की घटना की गहराई में जाकर अगर हम देखते हैं तो हम पाते हैं कि सारे मुसलमान इन सभी मामलों में इसी भावना से काम कर रहे हैं और सारे मुसलमान एक दूसरे को समर्थन कर रहे हैं किसी का सक्रिय समर्थन है किसी का मूक समर्थन है इन सारी चीजों में किसी भी मुस्लिम ने भी इसका विरोध करने का प्रयास भी नहीं किया यह बताया कि मुसलमान कहीं भी रहे किसी भी पद पर रहे किसी भी रूप में रहे मुस्लिम एकता मुस्लिम भावना के साथ है ,एकता आतंकवाद को समर्थन है ,आतंकवाद के साथ दिल धड़कते हैं
इन सभी तथ्यों को हम स्वीकार करते हैं तो अब समय आ गया है केवल देश की जनता ही नहीं बल्कि देश की सरकार भी इस सत्य को स्वीकार करें और तथ्यों के साथ संसद के पटल पर सत्य को रखें फिर चाहे कानून बनाना पड़े यह खुलकर घोषित किया जाए कि मुसलमान का भारत पर न कोई अधिकार था ना है ना रहेगा पाकिस्तान चले उन्हें पाकिस्तान दे दिया गया था वह केवल इसी आधार पर दिया गया था अब जो भी मुसलमान पाकिस्तान जाना चाहते हैं उनके रास्ते हैं तो पाकिस्तान चले जाएं अगर नहीं जाना चाहते हैं तो यहां पर उन्हें शरणार्थी के रूप में दोयम दर्जे की नागरिक के रूप में रहना होगा उन्हें किसी भी तरह के राजनीतिक मामले में बोलने का कोई अधिकार नहीं होगा एक बच्चे के कानून का सख्ती से इन्हें पालन करना होगा और धार्मिक मान्यता को चारदीवारी के अंदर ही पालन करना होगा किसी भी तरह की हिंसा से अगर वह जुड़े हुए पाए जाते हैं और उन्हें देशद्रोह का अपराधी ही माना जाएगा जिसकी सजा मौत दी जा सकती है
संसद में इस घोषणा के पहले हमें देश के सारे हिंदुओं की रक्षा करने के लिए कुछ चीजों पर ध्यान देना होगा और कुछ चीजों का पालन करना होगा हर शहर हर वार्ड में हिंदू सुरक्षा समिति का गठन कर उन सुरक्षा समितियों के हाथों में आत्मरक्षा के लिए कुछ हथियार दिए जाना चाहिए जिससे मुस्लिम दंगाइयों की भीड़ आक्रमण से सुरक्षा के लिए हिंदू सुरक्षा समिति अपने वार्ड की या अपने आसपास के वार्ड जहां पर इस तरह का कोई आक्रमण होता है वहां अपने हिंदू भाई बहनों की रक्षा कर सकें और किसी भी रूप में दूसरा काश्मीर ना बन सके उसके बाद यह घोषणा संसद में की जाए फिर चाहे आपातकाल लगाना पड़े तो आपातकाल लगा दिया जाए कोई नहीं हर्ज नहीं है
आज आम नागरिक पूरी तरह से असुरक्षित असहाय और लाचार महसूस करता है मुसलमानों का दुस्साहस कितना अधिक बढ़ चुका है जब भी मुसलमानों के द्वारा हिंदुओं पर हमला होता है तब वह अपने परिवार के साथ बिल्कुल सरल निशाना माना जाता है जो हमने कश्मीर में प्रत्यक्ष रूप से देखा है इसमें पुलिस या सेना उस वक्त वहां पर कुछ नहीं कर सकी क्योंकि यह भीड़ कहां से निकलकर किस पर कब आक्रमण कर देगी उसका कोई अंदाजा नहीं होता है सभी हिंदू अंदर ही अंदर स्वीकार करते हैं एक दिन इस तरह के दुर्भाग्य का हम सभी को सामना करना होगा यह सामने दिखाई दे रहा है परंतु कानूनन हम अपने घर में आत्मरक्षा के लिए कोई हथियार नहीं रख सकते ना उसका उपयोग कर सकते हैं वैसे भी हत्या का हमारे परिवार में या संस्कृति में कहीं कोई उपाय नहीं कंसेप्ट ही नहीं इसलिए हमारे किसी भी घर में कोई हथियार चाकू तक भी आत्मरक्षा के उपयोग में आए ऐसा नहीं मिलेगा जबकि मुसलमानों के पास सारी तैयारियां होती है चाकू छुरी के साथ में आग्नेय अस्त्र तक इन्होने जुटाकर रखे है ,मशीनगन ए. के. 47 सभी कुछ इनके पास मौजूद है इस बात को सरकार न्यायपालिका पुलिस प्रशासन समस्त राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय मीडिया सभी लोग अच्छे से जानते हैं भारत के मुसलमान इस तरह की हरकतें करते ही रहते हैं कश्मीर इसका सबसे बड़ा और जीवंत उदाहरण है गोधरा के साबरमती एक्सप्रेस की बोगी में हिंदुओं को जिंदा जला देने की घटना को कौन नहीं जानता परंतु आज तक इनके भय से इनकी संख्या बल के भरोसे सभी चुपचाप इन चीजों को सहते हुए बैठे हैं लेकिन इन चीजों से उबरने के लिए जनता अपने दम पर कुछ नहीं कर सकती छोटे-छोटे टुकड़ों में हम इस तरह की घटनाओं में आए दिन देखते हैं बात तो समझ लीजिए कि सबसे बड़ा तथ्य यह है कि मुसलमान एक लक्ष्य के साथ पूरी तरह से एकजुट है बिना किसी बहस संदेह के और इस चीज को वह बहुत अधिक छुपाते भी नहीं वे जानते हैं इस एकजुटता से वह इस देश पर आज नहीं तो कल पूरी तरह से अधिकार जमा ही लेंगे अगर हमने अभी कोई कदम नही उठाया तो फिर इसे कोई रोक भी नही सकता